हमेँ कँहा मालूम था क़ि इश्क़ होता क्या है

हमेँ कँहा मालूम था क़ि इश्क़ होता क्या है

हमेँ कँहा मालूम था क़ि इश्क़ होता क्या है,
बस एक ‘तुम’ मिले और ज़िन्दगी मुहब्बत बन गई….

Love Shayari - Hamain kahan maloom tha ki ishq hota kya hai

हर क़र्ज़ मोहब्बत का अदा करेगा कौन,
जब हम नहीं होंगे तो वफ़ा करेगा कौन…!
या रब मेरे मेहबूब को रखना तू सलामत,
वर्ना मेरे जीने की दुआ करेगा कौन…!!

Love Shayari - Har karj mohabbat ka ada karega kaun

“यादों में ना ढूँढो हमें, दिल में हम बस जायेंगे
तमन्ना हो अगर मिलने की,
तो आन करो मोबाइल, हम इनबॉक्स में नज़र आएंगे”  😉

Love Shayari - Yaadon main na dhudhon humain

मुझे तुमसे मोहब्बत थी मैं अब इकरार करता हूँ…
बहुत पहले जो करना था वो अब इज़हार करता हूँ…
दिल में जो कुछ होता है वो कहा नही जाता, अब दर्द-ए-जुदाई सहा नही जाता…
हो सके तो लौट आओ किसी बहाने से, अब मुझसे तुम्हारे बिन रहा नही जाता…।।

काश तुम पूछो के तुम मेरे क्या लगते हो..!
मे गले लगाऊँ और कहूं …मेरे सब कुछ…!!

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